प्रमुख जानकारी

जय महर्षि गौतम,

महासभा का प्रयास है कि समाज के वरिष्ठजन द्वारा प्रदत्त पौराणिक जानकारियों का संकलन कर पोर्टल के माध्यम से समस्त लोगो तक पहुंच सके| समय समय पर यह जानकारियां अपडेट होती रहे, ऐसा प्रयास रहेगा|

धन्यवाद

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गुर्जरगौड़ ब्राह्मण इतिहास

सृष्टिकर्ता ब्रह्मा के मरीचि, अत्रि, अंगीरा, पुलस्‍त्‍य, पुलह, ऋतु, भृगु, वशिष्‍ठ, दक्ष, नारद ये दस पुत्र हुए। इनमें महर्षि भृगु को पर ब्रह्म नामक पुत्र हुआ। इनका जन्‍म गà...

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सृष्टिकर्ता ब्रह्मा के मरीचि, अत्रि, अंगीरा, पुलस्‍त्‍य, पुलह, ऋतु, भृगु, वशिष्‍ठ, दक्ष, नारद ये दस पुत्र हुए। इनमें महर्षि भृगु को पर ब्रह्म नामक पुत्र हुआ। इनका जन्‍म गौड़ देश में हुआ। इनके पुत्र कृपाचार्य हुए। कृपाचार्य के शक्ति शर्मा और शक्ति शर्मा के पुत्र महर्षि गौतम हुए। गुर्जरदेश के राजा चक्रवर्ती गुर्जरकर्ण ने महर्षि गौतम को आराध्‍य माना।

एक बार भ्रमण करते करते गुर्जरकर्ण जनकराय के प्रदेश में प्रविष्‍ठ हुए। वहां पर सिंह तथा मृग एक साथ विचरण कर रहे थे, लताएं पुष्‍पों से एवं अनेक पेड़ फलों से लदे खड़े थे। उस प्रांत को देखकर राजा को आश्‍चर्य हुआ कि हो न हो यह किसी ऋषि का आश्रम है। ब्राह्मणों से पूछने पर ब्राह्मणों ने उत्तर दिया कि राजन। जिस स्‍थान पर आप खड़े हैं वह स्‍थान ब्रह्मऋषियों में श्रेष्‍ठ तपश्‍चर्या के भंडार श्री गौतम ऋषि का आश्रम है। यह सुनकर विलास वैभव की सब सामग्री आश्रम के बाहर छोड़कर राजा ऋषिवर के दर्शनार्थ आश्रम में पहुंचा। वहां देखा, पिप्‍पलाद मुनि के 12 पुत्र वत्‍स, गौतम, शाण्डिल्‍य, गर्ग, मुदगल, कश्‍यप, भारद्वाज, वशिष्‍ठ, औशनस, अत्रि, पाराशर और कौशिक समस्‍त ऋषि कुमार न्‍याय शास्‍त्र का अध्‍ययन कर रहे हैं एवं विद्वान तपस्‍वी श्रीमद गौतमऋषि विराजमान हैं। राजा ने ऋषि के चरणों में गिरकर साष्‍टांग दण्‍डवत किया राजा ने कहा महर्षि! आपके दर्शनों से मेरे समस्‍त कल्‍मष दूर हो गए एवं सब मनोरथ पूर्ण से हो गए। महर्षि ने भी राजा की कुशल मंगल पूछी।

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गुर्जर-गौड़ ब्राह्मणों के ऋषिगोत्र

जो जिस ऋषि की वंश परम्परा में उत्पन्न हुवे वे ही उनके ऋषि गौत्र हैं - 

गोत्रों के प्रमुख भेद दो प्रकार के हैं – १. ऋषिगोत्र २. कुलगोत्र। 

ऋषिगोत्रों की संख्या का एक औ...

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जो जिस ऋषि की वंश परम्परा में उत्पन्न हुवे वे ही उनके ऋषि गौत्र हैं - 

गोत्रों के प्रमुख भेद दो प्रकार के हैं – १. ऋषिगोत्र २. कुलगोत्र। 

ऋषिगोत्रों की संख्या का एक और प्रमाणः - 

सत्याषाढ़ा हिरण्यकेशीश्रौतसूत्र' में निम्न प्रकार से दिया है - 

विश्वामित्रो जमदग्निश्च भरद्वजोऽथ गौतमः। 
अत्रि वसिष्ठ कश्यपः इत्येते गोत्रकारकाः॥ 
तेषा सप्तवर्षीणां, अगस्त्यष्टमानां यदपत्यं तद् गोत्रमित्युच्यते। 
चतुर्विशति गोत्राणि उनपंचाशत्‌ गोत्रभेदाः। 
गोत्राणी तु शतानि अनन्तानि च॥ (धर्मसिंधु)

उपरोक्त गोत्र संख्या सम्बन्धी विवरण एक स्थान पर ७, पुनः ८, पुनः २४ और ४९ गोत्रभेद, गोत्र १०० एवं अनन्त संख्या की बात भी कही गई है। 

किन्तु ऋषि गोत्र की बात का जहां तक गुर्जर गौड़ विप्र समाज से सम्बन्ध है वहां कहां गया है। उपरोक्त ऋषि गौतम के साथ जिस जिस नाम के ऋषि आये थे उनके पूर्व से गोत्र सुनिश्चित और उनके नाम से ही ऋषि गौत्र प्रसिद्ध हुवे। 

उनके नाम निम्न है -
१. वत्स 
२. भृगु के पुत्र उशना से औशनस 
३. अत्रि 
४. गर्ग 
५. कश्यप 
६. पराशर 
७. कौशिक 
८. मुद्रल 
९. गौतम 
१० भरद्वाज 
११. वसिष्ठ 
१२. शाण्डिल्य। 

यहां इस प्रसंग में जिस ऋषि का गोत्र है उस २ ऋषिवर के पुत्र पौत्रादि का नाम जोड़कर जब भी संकल्प पूर्वक कहा जाय तब भी प्रवर का चिन्तन होता है अस्तु! 

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गुर्जरगौड़ ब्राह्मण की सती माता जी

गुर्जरगोड़ ब्राह्मण समाज की सती माता के स्थानों की जानकारी:

  • आकोडियां उपाध्याय की सती माताजी का स्थान खुर्द महुआ जिला भीलवाड़ा राजस्थान में है। संपर्क सूत्र- 9571224430

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गुर्जरगोड़ ब्राह्मण समाज की सती माता के स्थानों की जानकारी:

  • आकोडियां उपाध्याय की सती माताजी का स्थान खुर्द महुआ जिला भीलवाड़ा राजस्थान में है। संपर्क सूत्र- 9571224430
  • काटिया तिवाड़ी की सत्ती माता का तालाब की पाल पर पुर भीलवाड़ा में है- भीलवाड़ा से उदयपुर रोड पर हैं ।। लोकेन्द्र तिवाड़ी फोन न-  9602067801
  • गुवाड़ीया तिवाडी गौत्र की सती माता व कुल के भैरू जी महाराज माचलपुर के पास ग्राम. बाड़गांव तह. जीरापुर जिला राजगढ़ (मध्यप्रदेश) में गाँव के पास खेत के मध्य में सती माता व खेत के पास ही भैरूजी महाराज का स्थान है ओर कुल देवी चामुण्डा माता मेहरानगढ़ (किले) जोधपुर राज. में है रामपाल गौतम चेचट कोटा राज. मो.7568813158 , 9660612158
  • घील जोशी परिवार की सती माता हमारे गांव आमली गढ़ पांचली मैं है किसी को भी दर्शन करना है तो जरूर आए जानकारी देने वाले मनोज शर्मा 9610121413
  • जठानिया व्यास की सती माता का एक स्थान खटकड़ में स्थित है बूंदी जिला ।। जानकारी देने वाले :-ओम प्रकाश गौतम कोटा संपर्क सूत्र - 94136 50857

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आवश्यक सूचनाएँ

  • व्यापार

    समाज के व्यापारी बंधुओ से निवेदन है कि अपने व्यापार से सम्बंधित जानकारी पोर्टल पर दे, जिससे दूसरे समाज बंधू जो आपके व्यापार से सम्बंधित है उनको लाभ मिल सके|

  • विद्यार्थी

    समाज के ऐसे विद्यार्थी जो उच्च शिक्षा लेना चाहते है, आपसे निवेदन है कि जानकारी पोर्टल पर दे, जिससे महासभा के अन्तर्गत चयनित छात्र - छात्राओं की सहायता की जा सके|

महासभा कार्यालय:
आयकर कॉलोनी,
पावटा सी रोड़,
जोधपुर (राजस्थान) 342006